Tuesday, February 7th, 2023

Gratuity: कंपनियां कैसे करती हैं ग्रेच्‍युटी का कैलकुलेशन, सिर्फ बेसिक पर थमा देती हैं पैसा या शामिल होते हैं और भी अलाउंस, समझें पूरी ABCD : Lokmat Daily

Gratuity: कंपनियां कैसे करती हैं ग्रेच्‍युटी का कैलकुलेशन, सिर्फ बेसिक पर थमा देती हैं पैसा या शामिल होते हैं और भी अलाउंस, समझें पूरी ABCD : Lokmat Daily

हाइलाइट्स

ग्रेच्युटी को कंपनी के प्रति निष्ठा का पुरस्कार मान सकते हैं.
इसका कैलकुलेशन आपकी अंतिम सैलरी के आधार पर होता है.
4 साल 240 दिन काम करने पर आप ग्रेच्युटी के हकदार होते हैं.

नई दिल्ली. अगर आप किसी कंपनी में लगभग 5 साल (4 साल 240 दिन) काम कर लिया तो आप ग्रेच्युटी के हकदार हो जाते हैं. इसके अलावा अगर आप कोयला या अन्‍य माइंस में अथवा अंडरग्राउंड प्रोजेक्‍ट में काम करते हैं तो 4 साल 190 दिन पूरे करने पर ही 5 साल का कार्यकाल मान लिया जाता है. कानून के मुताबिक, जमीन से नीचे काम करने वाले कर्मचारी 4 साल 190 दिन में ही ग्रेच्युटी के हकदार हो जाते हैं. इसे कंपनी के प्रति निष्ठा का प्रदर्शन करने के लिए एक पुरस्कार की तरह देखा जा सकता है. ग्रेच्युटी का प्रावधान पेमेंट ऑफ ग्रेच्युटी एक्ट 1972 के तहत किया गया है. ग्रेच्युटी का एक छोटा हिस्सा कर्मचारी के वेतन से भी कटता है और इसका फॉर्मूला पहले से तय होता है.

अगर किसी कंपनी में 10 से ज्‍यादा कर्मचारी काम करते हैं, वहां ग्रेच्युटी देना अनिवार्य होता है. हालांकि, अगर किसी कर्मचारी को उसके गलत व्‍यवहार या किसी आपराधिक कृत्य के कारण कंपनी से बाहर किया जा रहा है तो उससे ग्रेच्युटी का अधिकार छीना भी जा सकता है. बहरहाल, इस लेख में आप देखेंगे कि ग्रेच्युटी की गणना आखिर की कैसे जाती है. साथ ही आपको ये भी बताएंगे कि ग्रेच्युटी की गणना के वक्त सैलरी में क्या जोड़ा जाता है.

ये भी पढ़ें- Budget 2023: गिफ्ट पर लगने वाले टैक्स को लेकर बजट में हो सकता है बड़ा ऐलान

कैसे कैलकुलेट होती है ग्रेच्युटी
जैसा कि हमने कहा कि इसका एक फिक्स फॉर्मूला है. आपका आखिरी वेतन*(15/26)*(कंपनी में काम के साल). इसे एक उदाहरण से समझने का प्रयास करते हैं. मान लीजिए, आपने एक कंपनी में 10 साल तक काम किया और नौकरी छोड़ने से पहले आपकी अंतिम सैलरी 80000 रुपये है. गौरतलब है कि ग्रेच्युटी की गणना करते वक्त वेतन में केवल आपकी बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ते को ध्यान में रखा जाता है. फॉर्मूले में उपरोक्त संख्याओं को डालें तो ये कुछ ऐसा दिखता है- 80000*(15/26)*(10). इस हिसाब से आपकी ग्रेच्युटी 461538 रुपये हुई.

क्या है 15 और 26 का मतलब
यहां एक महीने में कामकाजी दिनों की संख्या को 26 से दर्शाया गया है. 4 दिन रविवार माने गए हैं. वहीं, ग्रेच्युटी कैलकुलेशन के लिए साल के केवल 15 दिनों को ही जोड़ा जाता है. एक और बड़ी बात यह कि अगर कि 6 महीने से अधिक काम को पूरे साल के रूप में देखा जाता है. यानी अगर आपने किसी संस्थान में अगर 5 साल 7 महीने काम किया था तो ग्रेच्युटी की गणना में इसे पूरे 7 साल गिना जाएगा.

Tags: Business news in hindi, Employees, Gratuity

Leave a Reply

Your email address will not be published.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

%d bloggers like this: