Monday, September 26th, 2022

एम्‍स के नए निदेशक डॉ. श्रीनिवास हैं अनुशासन पसंद, ऐसा है काम करने का तरीका : Lokmat Daily

एम्‍स के नए निदेशक डॉ. श्रीनिवास हैं अनुशासन पसंद, ऐसा है काम करने का तरीका : Lokmat Daily

नई दिल्‍ली. ऑल इंडिया इंस्‍टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (AIIMS) का नया निदेशक डॉ. एम श्रीनिवास को बनाया गया है. डॉ. श्रीनिवास ने एम्‍स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया की जगह ली है हालांकि अभी श्रीनिवास के पदभार संभालने तक गुलेरिया ही कार्यभार संभालेंगे. हैदराबाद के ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज के डीन रह चुके डॉ. एम श्रीनिवास इससे पहले दिल्‍ली एम्‍स के पीडियाट्रिक विभाग में प्रोफेसर के पद पर भी तैनात रह चुके हैं.

डॉ. श्रीनिवास को करीब से जानने वाले डॉक्‍टरों की मानें तो वे काफी अनुशासन पसंद हैं साथ ही समय के पाबंद भी हैं. न केवल वे खुद समय पर अस्‍पताल में आकर अपनी सेवाएं देते हैं बल्कि डॉक्‍टर और अन्‍य स्‍टाफ की भी लेटलतीफी को लेकर सख्‍त रहते हैं. न केवल एम्‍स के दौरान बल्कि ईएसआईसी अस्‍पताल और मेडिकल कॉलेज हैदराबाद में भी डीन रहते हुए उन्‍होंने अनुशासन और स्‍टाफ की अटेंडेंस को लेकर कई बड़े कदम उठाए हैं. लिहाजा एम्‍स के निदेशक का पद संभालने के बाद वे यहां के सिस्‍टम को और भी मजबूत बनाएंगे.

ईएसआईसी के डीन बनने के बाद खुद डॉ. श्रीनिवास ने 2019 में एक समाचार एजेंसी को दिए इंटरव्‍यू में बताया था कि ईएसआईसी अस्‍पताल हैदराबाद देश का पहला ऐसा संस्‍थान था जहां देरी से आने वाले स्‍टाफ की जांच के लिए आधार इनेबल्‍ड बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्‍टम लगाया गया था. इस तकनीकी का इस्‍तेमाल अटेंडेंस के अलावा वेतन बनाने के लिए भी किया जाता था. उन्‍होंने बताया था कि एईबीएएस सिस्‍टम के बाद महीने में 3 दिन देरी से आने को स्‍टाफ की कैजुअल लीव मान लिया जाता था, जबकि इससे ज्‍यादा बार लेट आने पर वेतन काटा जाता था. हालांकि स्‍टाफ की सुविधा के लिए 15 मिनट का ग्रेस पीरियड भी दिया गया था.

डॉ. श्रीनिवास ने कहा था कि उनका लक्ष्‍य सुशासन और सुव्‍यवस्‍था करना है ताकि बिना किसी परेशानी के बेहतर स्‍टाफ की नियुक्ति हो सके, प्रॉक्‍सी अटेंडेंस को खत्‍म किया जा सके, एक जगह पर मरीजों को बेहतर इलाज मिल सके और मरीजों को इधर से उधर रैफर करने की प्रक्रिया को रोका जा सके. तकनीक का इस्‍तेमाल सिर्फ अस्‍पताल की सुविधाओं के लिए ही न हो बल्कि बेहतर माहौल प्रदान करने के लिए भी हो. श्रीनिवास ने बताया था कि उनके चार्ज संभालने के बाद ईएसआईसी से बमुश्किल 3 फीसदी मरीजों को ही जरूरी कारणों की वजह से बाहर रैफर किया जाता है.

Tags: AIIMS, Aiims delhi, AIIMS director

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