Monday, September 26th, 2022

बैंकिंग और साइबर फ्रॉड रोकने के लिए केंद्र की बड़ी तैयारी, संसद में जल्द पेश होगा नया बिल : Lokmat Daily

बैंकिंग और साइबर फ्रॉड रोकने के लिए केंद्र की बड़ी तैयारी, संसद में जल्द पेश होगा नया बिल : Lokmat Daily

नई दिल्लीः केंद्र सरकार बैंकिंग और साइबर फ्रॉड रोकने के लिए बड़ी तैयारी कर रही है. जल्द ही इसके लिए कानून में बदलाव करके सख्त नियम बनाया जाएगा. शुक्रवार को सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि टेलीकम्यूनिकेशन बिल 2022 में कई बड़े प्रावधान होंगे, जिससे लोगों को फ्रॉड से बचाने में मदद मिलेगी.केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि जब किसी के पास कोई फ्रॉड कॉल आती है, तो कॉलर के बारे में पता नहीं होता. लेकिन आने वाले समय में इस तरह का प्रावधान होगा, जिससे कि कॉलर के बारे में कॉल रिसीव करने वालों को पता चल जाएगा.

केवाईसी को सख्ती से लागू किया जाएगा
केवाईसी यानी नो योर कस्टमर व्यस्था के तहत हर किसी को अपने अकाउंट की जानकारी सर्विस प्रोवाइडर को देनी होती है. केवाईसी की इस प्रक्रिया को मजबूत किया जा रहा है. अगर कोई अपने बारे में सर्विस प्रोवाइडर को गलत या गुमराह करने वाली जानकारी देता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई का प्रावधान होगा.

फ्रॉड करने वाले के खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान
देश के कई ऐसे हिस्से हैं जहां साइबर और बैंकिंग फ्रॉड बहुत ज्यादा रिपोर्ट हो रहा है.इसपर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार गंभीर है. इस नए बिल में होने वाले प्रावधानों से बैंकिंग फ्राॅड और साइबर क्राइम को रोकने में मदद मिलेगी. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि फ्रॉड में पकड़े जाने पर आरोपी के खिलाफ सख्त से कार्रवाई का प्रावधान नए बिल में किया जाएगा.

सोशल मीडिया और ओटीटी प्लेटफाॅम्र्स पर भी रहेगी नजर
फेसबुक, व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसे ऐप्स भी टेलीकम्यूनिकेशन बिल 2022 में शामिल होंगे. इसके अलावा ओटीटी प्लेटफॉर्म भी रेगुलेटर के अधीन होगें. इस पूरे मामले पर फिलहाल विचार विमर्श चल रहा है. इंडियन टेलीकॉम ड्राफ्ट बिल 2022 मौजूदा इंडियन टेलीग्राफ एक्ट 1885, वायरलेस टेलीग्राफ एक्ट और टेलीग्राफ वायर्स एक्ट की जगह लेगा. अभी इस पर लोगों से सुझाव मांगे गए हैं, आने वाले दिनों में इस नए बिल को संसद के दोनों सदनों में पेश किया जाएगा.

Tags: Banking fraud, Cyber Crime News, Online fraud

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