Monday, September 26th, 2022

क्यों LPG कारों को रिप्लेस कर दिया CNG ने, जानें कैसे है ये बेहतर और इसके क्या हैं फायदे : Lokmat Daily

क्यों LPG कारों को रिप्लेस कर दिया CNG ने, जानें कैसे है ये बेहतर और इसके क्या हैं फायदे : Lokmat Daily

हाइलाइट्स

सीएनजी किट लगी कारों के पिकअप और पावर में ज्यादा फर्क नहीं पड़ता.
एलपीजी से गाड़ियों की मेंटनेंस बढ़ जाती है.
सीएनजी की उपलब्‍धता अब आसान है और इसकी फिलिंग भी सामान्य पंप पर होती है.

नई दिल्ली. एक दौर था जब बाजार में पेट्रोल और डीजल कारें ही थीं. ये वो दौर था जब डीजल कारों को लोग कम पसंद करते थे और पेट्रोल गाड़ियों की बिक्री काफी अधिक थी. हालांकि उस दौरान भी इनके कम माइलेज के चलते कारें उस दौरान प्राइमरी व्हीकल के तौर पर कम ही परिवारों में इस्तेमाल की जाती थी. इसी दौरान इं‌डिया में ऑल्टरनेट फ्यूल के तौर पर एलपीजी पॉपुलर हुई. लोग अपनी गाड़ियों में एलपीजी किट इंस्टॉल कर घरेलू सिलेंडर पर गाड़ियां चलाने लगे. हालांकि ये कानूनी तौर पर गलत था लेकिन फिर भी काफी पॉपुलर हुआ. कुछ दिनों बाद ऑथोराइज्ड किट के साथ ही गैस टैंक आने लगे और वो गाड़ियों में इंस्टॉल होने लगे.

वैसे तो एलपीजी को गाड़ियों के ऑल्टरनेट फ्यूल के तौर पर 1910 में पहली बार पहचान मिल गई थी लेकिन इसका इस्तेमाल आम तौर पर शुरू नहीं हुआ था. इसके बाद कई देशों में ये 70 के दशक में पॉपुलर होना शुरू हुआ. इसके बाद 90 के दशक में इसने भारत में भी पहचान बनानी शुरू कर दी. ऑल्टरनेट फ्यूल के तौर पर सरकार ने भी इसे सही माना और 2006 में सरकार ने भी इस पर सब्सिडी देना शुरू किया. इसके बाद पेट्रोल पंप स्टेशन पर भी एलपीजी फिलिंग मशींस की बाढ़ आ गई. नतीजा ये रहा कि पहले से मंदा चल रहा डीजल कारों के मार्केट की कमर ही टूट गई.

लेकिन फिर अचानक दौर बदला और मेट्रो शहरों में सीएनजी वाहनों ने अपनी बढ़त बनाई. देखते ही देखते सीएनजी छोटे शहरों तक भी पहुंची. फिलिंग स्टेशन बनने लगे और एलपीजी गाड़ियां रिप्लेस होने लगीं. आखिर ऐसा क्यों हुआ कि दशकों तक ऑल्टरनेट फ्यूल के तौर पर राज करने वाली एलपीजी को सीएनजी ने इतनी आसानी से रिप्लेस कर दिया. आइये विस्तार से जानें.

क्या हो रहे थे नुकसान

  • एलपीजी किट सुरक्षित नहीं थे, एलपीजी की ज्वलनशीलता के चलते हल्का सा भी लीक बड़े हादसे को न्योता देता था.
  • एलपीजी किट बहुत आसानी से खराब हो जाते थे.
  • एलपीजी ड्राई होती है जिसके चलते इंजन में कंबशन के बाद ड्राइनेस रहती थी, इससे कारों का इंजन जल्दी खराब होता था.
  • एलपीजी पर चलने पर गाड़ियों का पिकअप कम होता था और इसी टॉप स्पीड पर भी फर्क आता था.
    ठंडी होने के कारण लंबी दूरी के सफर के दौरान किट के डायाफ्राम पर बर्फ जम जाती थी और सप्लाई बंद हो जाती थी. कार अचानक रुक जाती थी. फिर गाड़ी को थोड़ी देर के लिए रोककर बर्फ पिघलने का इंतजार करना होता था.
  • पेट्रोल से एलपीजी और फिर पेट्रोल पर शिफ्ट करने के दौरान इंजन पर अचानक लोड आता था.
  • एलपीजी किट लैस गाड़ियों की मेंटेनेंस कॉस्ट बढ़ जाती थी क्योंकि ऑइल के जल्दी खराब होने के कारण सर्विस इंटरवेल कम हो जाता था. जहां पेट्रोल कार की सर्विस 10 हजार किमी. पर होती थी वहीं एलपीजी किट लैस गाड़ी की सर्विस 3 से 5 हजार किमी. पर करवानी होती थी.

क्यों सीएनजी ने किया रिप्लेस

  • सीएनजी किट महंगा होते हुए भी सेफ था. इसमें लीकेज के साथ ही आग लगने की समस्या एलपीजी के मुकाबले काफी कम है.
  • सीएनजी किट पर गाड़ी की मेंटेनेंस पर ज्यादा फर्क नहीं आता है, हालांकि इसका सर्विस इंटरवेल भी पेट्रोल के मुकाबले कम है लेकिन एलपीजी जितना नहीं.
  • सीएनजी का नेटवर्क तेजी से फैला और समय के साथ ये एलपीजी से सस्ती पड़ने लगी. इस पर गाड़ी का माइलेज भी अच्छा मिलने लगा.
  • बड़ी गाड़ियों मतलब पावरफुल इंजन के लिए भी सीएनजी किट उपलब्‍ध थे, लोगों ने लग्जरी कारों में भी इसका इस्तेमाल किया.
  • सीएनजी से गाड़ी के पिकअप और टॉप स्पीड पर खास असर नहीं पड़ता. लोगों को सीएनजी में पेट्रोल का मजा ‌मिला.
  • सीएनजी किट के ठंडा होने की समस्या नहीं है. इसलिए गाड़ी को लंबी दूरी में भी बिना रुके आसानी से चलाया जा सकता है.
  • हालांकि सीएनजी किट एलपीजी किट के मुकाबले महंगा है लेकिन इसकी कम मेंटेनेंस और बेहतर परफॉर्मेंस ने इसे पॉपुलर बनाया.
  • कंपनियों ने भी इसे अपनाया और सीएनजी किट लैस गाड़ियों की मैन्यूफैक्चिरिंग शुरू की.

क्या थे एलपीजी के फायदे

  • एलपीजी सस्ती थी और आसानी से उपलब्‍ध थी.
  • एक छोटे से फिलिंग किट को आसानी से बना कर इसे घर पर भी डॉमेस्टिक सिलेंडर से फिल किया जा सकता था.
  • कार का माइलेज एलपीजी पर काफी अच्छा आता था और ये पेट्रोल के मुकाबले कई गाड़ियों में तीन गुना तक देखा गया.
  • एलपीजी किट भी सस्ते थे, साथ ही जब कंपनी फिटेड किट की गाड़ियां आईं तो ये सामान्य दाम की थीं.
  • एलपीजी की उपलब्‍धता सभी जगह थी और इसी के चलते ये पेट्रोल डीजल भरवाने जितनी आसान थी.
  • एलपीजी किट की मेंटेनेंस सस्ती थी और इसे आसानी से कहीं भी ठीक करवाया जा सकता था.

Tags: Auto News, Cng car, LPG gas

Leave a Reply

Your email address will not be published.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

%d bloggers like this: