Monday, September 26th, 2022

माओवादी संगठन की खौफनाक सच्चाई, कैडर को शादी से पहले करवानी पड़ती है नसबंदी, युवक ने बताई कहानी : Lokmat Daily

माओवादी संगठन की खौफनाक सच्चाई, कैडर को शादी से पहले करवानी पड़ती है नसबंदी, युवक ने बताई कहानी : Lokmat Daily

भोपाल. माओवादियों के संगठन में शादी करने को लेकर एक हैरान कर देने वाला शर्त का खुलासा हुआ है. संगठन से अलग होकर आत्मसमर्पण कर चुके कमलू वेट्टी ने माओवादी नेताओं की खास शर्त की जानकारी दी. हाल ही में कमलू वेट्टी की रिवर्स पुरुष नसबंदी करवानी पड़ी है. 12 साल की उम्र में माओवादियों द्वारा भर्ती किये गए कमलू वेट्टी को शादी के करीब 10 साल बाद रिवर्स नसबंदी करवानी पड़ी है. कमलू ने बताया कि शादी के लिए माओवादी कैडरों को पुरुष नसबंदी करवाना जरुरी होता है. दरअसल, संगठन का मानना है कि बच्चे की देखभल से आंदोलन को नुकसान होगा. कमलू वेट्टी ने पिछले साल ही आत्मसमर्पण कर दिया था और फिर सरकारी पेशकश पर मुफ्त में रिवर्स पुरुष नसबंदी ऑपरेशन कराया. हालांकि अब वह और उनकी पत्नी एक बच्चा चाह रहा है.

एनडीटीवी को दिए गए एक इंटरव्यू में 27 वर्षय कमलू वेट्टी ने बताया कि साल 2006 में उनके गांव को जलाने के एक साल बाद तत्कालीन कमांडर हरेराम और वसंती ने जोर देकर कहा कि वे सभी आंदोलन में शामिल हो जाए. इस दौरान दोनों ने इस बात पर भी जोर दिया कि जब वह शादी करना चाहते हैं तो उन्हें पुरुष नसबंदी करवानी पड़ेगी, साल 2017 में कमलू ने शादी कर ली लेकिन जब वह 22 साल के थे तो उन्होंने पुरुष नसबंदी करवा ली. कमलू ने अपने इंटरव्यू में बताया कि जब हमने अपने नेताओं से कहा कि हम शादी करना चाहते हैं तो उन्होंने कहा कि हां लेकिन पुरुष नसबंदी के बाद ही शादी हो सकती है.

कमलू ने बताया कि जब गांव के लोगों से सपोर्ट और भोजन दोनों ही मिलना बंद हो गया तो उन्होंने सरेंडर करने का फैसला किया. कमलू ने कहा कि हम बच्चे पैदा करना चाहते थे. इसलिए पुरुष नसबंदी को उलट दिया. कमलू ने बताया कि माओवादी नेताओं का मानना है कि प्रसव और बाद में बच्चों की देखभाल आंदोलन के लिए बाधा बनेगी. संगठन के नेताओं को इस बात का डर है कि दंपति बच्चों की देखभाल और अच्छी परवरिश के लिए अपने गांव लौट सकते हैं.

पूर्व माओवादी कैडर कमलू वेट्टी ने बताया कि संगठन में जीवन कठिन था, विशेष रूप से आदिवासियों के लिए और मुश्किल था. वहीं सुकमा के पुलिस अधीक्षक सुनील शर्मा ने एनडीटीवी से कहा कि विद्रोही कैडरों को पुरुष नसबंदी से गुजरना पड़ा, क्योंकि यह विद्रोही शिविर में शादी के लिए एक पहली शर्त है. लेकिन अब सरकार की आत्मसमर्पण नीति के तहत रिवर्स पुरुष नसबंदी की पेशकश मुफ्त में की जाती है.

Tags: Maoist

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